यह युवती चलाती थी ब्लैकमेल गैंग, ऐसे हुआ पर्दाफाश

कानपुर में बिल्डरों से अवैध उगाही का धंधा करने का रैकेट यूं तो काफी अर्से से सक्रिय है। अभी तक इसमें रंगदारी वसूलने वाले, तथाकथित पत्रकारों और विकास प्राधिकरणों के बाबुओं की तिकड़ी कम करती थी, लेकिन आज एक नवयुवती भी पकड़े जाने के बाद यह खुलासा भी हो गया कि बिल्डरों को ब्लैकमेल करने के लिए नवयुवतियों का भी सहारा लिया जाने लगा है। आज कुछ वकीलों ने कानपुर विकास प्राधिकरण में जाल बिछाया तो एक ब्लैकमेलर नवयुवती उसमें आ फंसी।

इस समय कानपुर में अवैध तरीकों और मानक को ताक पर रखकर सैंक़ड़ों बहुमंजिली इमारतें खड़ी की जा रही हैं। इन इमारतों को बनाने वाले बिल्डरों को अभी तक केवल विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दल की जेब गर्म करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस नेक्सेस में तथाकथित पत्रकारों और इलाकाई दबंग भी अपना हिस्सा वसूलने लगे हैं। ब्लैकमेलिंग पीड़ित एक बिल्डर ने आज यह पता लगाने की कोशिश की कि उससे पैसे मांगने वाला ब्लैकमेलर कौन है तो दिव्या गुजराल नाम की एक युवती का चेहरा सामने आया।

दरअसल किदवई नगर इलाके में शैलेन्द्र पांडेय एडवोकेट एक बहुमन्जिला इमारत बनवा रहे थे। इमारत का कुछ हिस्सा नियम विरूद्ध भी बना था। इसे लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा। उन्होंने जब पचास लाख की उगाही देने से मना कर दिया तो फर्जी नाम से उनके खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेज दी गई। इमारत को ध्वस्तकरण से बचाने के लिए शैलेन्द्र ने शुल्क जमा कर दिया और निर्माण कार्य रोक दिया, लेकिन ब्लैकमेल करने वाले का पता लगाने के लिए साथी वकीलों के साथ उन्होंने कानपुर विकास प्राधिकरण में ट्रैप बिछाया तो दिव्या नामक लड़की सामने आयी। उन्होंने दिव्या को घेर लिया तो ब्लैकमेलर टोली का एक सदस्य वकीलों से उलझ पड़ा। इसके बाद केडीए परिसर में ही वकीलों ने पुलिस के सामने ब्लैकमेलर की लात-घूंसों से पिटाई की। वकीलों का गुस्सा शान्त होने के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़कर थाने ले गए।

Facebook Comments