खाली सीट वेटिंग लिस्ट वालों को मिलेगी, चलती ट्रेन में टिकट कैंसिल पर TTE को फौरन मिलेगी जानकारी

चार्ट बनने या ट्रेन छूटने के बाद यात्री टिकट कैंसिल कराता है तो TTE तक तुरंत इसकी जानकारी नहीं पहुंच पाती है। सवारी के न पहुंचने पर TTE दो स्टेशनों तक उसका इंतजार करता है। इसके बाद उस बर्थ को कैंसिल किया जाता है, लेकिन अब जनवरी से चलती ट्रेन में ही कैंसिल होने वाले टिकटों की जानकारी टीटीई के पास पहुंच जाएगी। जो बर्थ खाली होगी, वो फौरन ही वेटिंग टिकट वालों को मिल सकेगी।

इसका सबसे ज्यादा फायदा वेटिंग टिकट वालों को होगा। इस प्रोजेक्टस से चलती ट्रेन में टिकट कैंसिल होते ही TTE के पास डेटा अपडेट हो जाएगा और वेटिंग वाले का टिकट कन्फर्म हो जाएगा। जिससे टीटीई ट्रेन छूटने के साथ ही वेटिंग टिकट पर सफर कर रहे व्यक्ति को सीट या बर्थ दे सकेगा।

कुछ राजधानी ट्रेनों और शताब्दी ट्रेनों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, अन्य ट्रेनों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इसे लागू करने के लिए TTE को हैंड टर्मिनल दिए जाएंगे। ये टर्मिनल सीधे रेलवे के सर्वर से कनेक्ट होंगे और टिकट का हर अपडेट टर्मिनल तक तत्काल पहुंचता रहेगा।

रेलवे के मुताबिक, इसे दो चरणों में बांटा जाएगा। पहले चरण में करीब 500 को और बाद में 8 हजार टीटीई को टर्मिनट दिए जाएंगे। दोनों चरण पूरे होने के बाद शताब्दी, राजधानी और दुरंतो के साथ-साथ सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी टीटीई के पास टर्मिनल उपलब्ध हो जाएगा।

अब तक ये होता था :  खाली सीट देखकर भी टीटीई अगले दो स्टेशन तक यात्री का इंतजार करता था। सीट भी खाली पड़ी रहती थी, पर वेटिंग वाले को भी सीट नहीं मिलती थी। टीटीई की रिपोर्ट लगती है, तब कैंसिल टिकट का रिफंड आता है।

अब ये होगा : ट्रेन चलने के बाद यात्री ने टिकट कैंसिल किया तो टीटीई को फौरन पता चल जाएगा। टर्मिनल अपडेट होते ही वेटिंग वालों को कन्फर्म बर्थ दे दी जाएगी। टर्मिनल अपडेट होने से कैंसिल टिकट के रिफंड की प्रक्रिया जल्दी शुरू हो जाएगी।

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