तिलक लगाने के पीछे आध्यात्म‍िक भावना के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण

प्राचीन काल से ही मस्तक पर तिलक लगाने की परंपरा चली रही है। आमतौर पर चंदन, कुमकुम, मिट्टी, हल्दी, भस्म आदि का तिलक लगाने का विधान है। तिलक लगाने के पीछे आध्यात्म‍िक भावना के साथ-साथ इसके वैज्ञानिक कारण भी है।

जानते हैं तिलक लगाने के फायदे।

1.मनोविज्ञानक दृष्टि से तिलक लगाना उपयोगी माना गया है। माथा चेहरे का केंद्रीय भाग होता है, इसलिए मध्य में तिलक लगाया जाता है। इससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में इजाफा होता है।

2.माथे के बीच में तिलक लगाने से शांति और सुकून का अनुभव होता है। तिलक लगाने से मानसिक उत्तेजना पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। हल्दी में एंटी बैक्टीरियल

तत्व होते हैं, जो रोगों से मुक्ति दिलाने में हमारी मदद करते हैं।

3.यदि आप हर दिन चंदन का तिलक अपने माथे पर लगाते हैं तो दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्राव संतुलित तरीके से होता है, जिससे उदासी दूर होती है और मन में उत्साह जगता है। यह उत्साह मनुष्य को अच्छे कामों में लगाता है। इससे तनाव और सिरदर्द में काफी हद तक कमी आती है।

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