Raw रिपोर्ट : दक्षिण कश्मीर में दिया जा रहा आतंकियों को प्रशिक्षण

अर्द्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस ऐसे शिविरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के लिए भी तैयारी कर रही है। सुरक्षा बलों के अनुसार नए आतंकियों को सीमापार जाने से रोकने के अलावा स्थानीय स्तर पर भी प्रशिक्षण से रोकना होगा। 

कश्मीरी नौजवानों को आतंकी प्रशिक्षण देने के लिए अब दक्षिणी कश्मीर के जंगलों में आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। सुरक्षाबलों को मिल रही सूचनाओं के अनुसार आतंकी संगठनों के लिए नए भर्ती हुए नौजवानों को सीमापार कराना अब मुश्किल हो रहा है।  इसलिए उन्हें दक्षिणी कश्मीर के जंगलों में ही आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बुरहान वानी की मौत के बाद से ही कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती जारी है। साल में औसतन सौ-सवा सौ आतंकी भर्ती हो रहे हैं। बीच में यह आंकड़ा थोड़ा बढ़ गया था। लेकिन पिछले साल सेना ने बड़े पैमाने पर आतंकियों को मार गिराया था, इसलिए इस साल इसमें थोड़ी कमी आई है। दूसरे, नियंत्रण रेखा पर सेना और सीमा पर बीएसएफ की कड़ी चौकसी के कारण आर-पार आवाजाही में मुश्किल हो रही है। इससे दो फायदे हुए हैं, एक विदेशी आतंकियों की घुसपैठ कम हुई है। दूसरे, नए आतंकियों को प्रशिक्षण के लिए सीमापार के शिविरों में भेजने में कठिनाई हो रही है।

खुफिया सूत्रों की तरफ से सुरक्षाबलों को दी गई जानकारी में कहा गया है कि दक्षिणी कश्मीर के ऊंचाई वाले जंगलों में हिजबुल ने प्रशिक्षण शिविर चलाने शुरू कर दिए हैं। इनकी संख्या को लेकर सही जानकारी नहीं है। जहां गुमराह हुए नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। हालांकि, अभी तक प्राप्त सूचनाओं के अनुसार ऐसे शिविरों का कोई पक्का ढांचा नहीं है। बल्कि एन आतंकियों की टोलियों को यहां ले जाकर प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद वे वापस अपने अड्डों को चले जाते हैं। लेकिन यह आशंका बनी हुई है कि आने वाले दिनों में वहां पक्के शिविर भी बनाए जा सकते हैं।

सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार किसी पक्के शिविर की सूचना की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन फिर भी ऐसी सूचनाओं पर नजर रखी जा रही है। सेना, अर्द्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस ऐसे शिविरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के लिए भी तैयारी कर रही है। सुरक्षा बलों के अनुसार नए आतंकियों को सीमापार जाने से रोकने के अलावा स्थानीय स्तर पर भी प्रशिक्षण से रोकना होगा।

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