ट्रंप ने दी भारत पर ‘जवाबी टैक्स’ लगाने की धमकी, क्या यही ‘ट्रेड वार’ का संकेत है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीति को बेहतर बनाने के लिए टैक्स में भारी बढोत्तरी का ऐलान किया, जिसके बाद भारत और चीन की तरफ से अमेरिका विरोधी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लेकिन, शनिवार को अमेरिका के इस फैसले के अनुसार ना चलने वालों देशों पर जवाबी टैक्स लगाने की चेतावनी जारी कर दी है। इस मामले में ट्रंप ने कहा है कि, फैसले के विरुद्ध जाने वाले देशों को अमेरिकी कंपनियों पर ललगे टैक्स को घटाना पडेगा।

“हम विरोधियों के सथ बराबरी के टैक्स प्रोग्राम को लागू कर सकते हैं। अगर वह 25, 50 या 75 प्रतिशत टैक्स लागू करेंगे, तो हम भी उनकी बराबरी के साथ बढते टैक्स की वसूली करेंगे। यह एक ऐसा आइना है जिसमें ठप्पे छलकते हैं, इसलिए हम पर अगर टैक्स को 50 प्रतिशत कर दिया गया उन्हें भी 50 प्रतिशत ही देना पडेगा।”

जानकारी के लिए बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आया है। इसके पीछे कारण यह है कि, भारत द्वारा अमेरिकी आयतीत बाइक हार्ले डेविडसन पर 50 प्रतिशत का टैक्स लागू कर दिया गया, जिसके बाद देश लगातार ट्रंप के निशाने पर बना हुआ है।

Image result for Trump threatens to impose counter money delivery to India, but there is no sign of trade war!अमेरिकी कंपनी हार्ले डेविडसन प्रतिवर्ष हजारों मोटरसाइकिल भारत को निर्यात करती हैं जिसके कारण कंपनी को अपनी मोटरसाइकिल के लिए 100 फीसदी टैक्स का भुगतान करना ही पड़ता है।

“भारत से आयात होने वाली बाइक्स पर अमेरिका कोई टैक्स लागू नहीं करता। हम भारत के साथ निष्पक्ष व्यापार करना चाहते हैं। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके टैक्स को 50 फीसदी तक घटाने का आग्रह किया है। मोदी ने टैक्स को कम करने की हितायद तो दी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।” -राष्ट्रपति ट्रंप

शुक्रवार को भारत की तरफ से वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया ने बयान जारी किया है कि, “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का सरकारी मूल्यांकन जारी है। सरकार पहले अंतिम अमेरिकी आदेश का अवलोकन करेगी जिसके बाद रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।”

‘अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन में कुछ उत्पादों पर शुल्क की सीमा व्यक्तिगत प्रतिबद्धता से ज्यादा बढ़ा दी है, जो भारत के लिए चिंताजनक है। -‘वाणिज्य सचिव’

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