इस योग से शरीर बनता है वज्र जैसा कठोर… खाने के तुरंत बाद किया जाने वाला एकमात्र आसन

वज्रासन ही इकलौता ऐसा आसन है, जिसे खाने के बाद किया जाता है। इसे आप 5 से 15 मिनट तक कर सकते हैं। यह ध्यानात्मक आसन हैं। जो मन की चंचलता को दूर करता है। और शरीर को वज्र सा कठोर बनाता है।

इसके करने से अपचन, अम्लपित्त, गैस, कब्ज ठीक होती है। साथ ही ये घुटनों की पीड़ा को दूर करता है। चूंकि बहुत हेवी डाइट के बाद तुरंत सोने या बैठकर टीवी देखने से हमें डाइजेशन संबंधी समस्याएं हो ही जाती हैं। ऐसे में अगर आप रोज खाने के बाद टीवी देखने या तुरंत सोने के बजाय वज्रासन को अपने रुटीन में शामिल करेंगे तो यकीनन आप डाइजेशन से संबंधित समस्याओं से दूर रहेंगे।

वज्रासन को आप दिन में कभी भी कर सकते हैं लेकिन ये अकेला ऐसा आसन है जो खाने के तुरंत बाद बहुत अधिक प्रभावी होता है। यह ना सिर्फ पाचन की प्रक्रिया ठीक रखता है बल्कि लोवर बैकपेन से भी आराम दिलाता है। वज्रासन के अभ्यास से शरीर का मध्यभाग सीधा रहता है। श्वास की गति मन्द पड़ने से वायु बढती है। आंखों की ज्योति तेज होती है। वज्रनाड़ी अर्थात वीर्यधारा नाड़ी मजबूत बनती है। वीर्य की ऊध्र्वगति होने से शरीर वज्र जैसा बनता है। लम्बे समय तक सरलता से यह आसन कर सकते हैं।

इससे मन की चंचलता दूर होकर व्यक्ति स्थिर बुद्धिवाला बनता है। शरीर में रक्ताभिसरण ठीक से होकर शरीर निरोगी एवं सुन्दर बनता है। भोजन के बाद इस आसन में बैठने से पाचन शक्ति तेज होती है। कब्ज दूर होता है। भोजन जल्दी हज्म होता है। पेट की वायु का नाश होता है। कब्ज दूर होकर पेट के तमाम रोग नष्ट होते हैं। पाण्डुरोग से मुक्ति मिलती है। रीढ , कमर, जाँघ, घुटने और पैरों में शक्ति बढती है। कमर और पैर का वायु रोग दूर होता है। स्मरणशक्ति में वृद्धि होती है। स्त्रियों के मासिक धर्म की अनियमित्ता जैसे रोग दूर होते हैं।

इसके अलावा शुक्रदोष, वीर्यदोष, घुटनों का दर्द आदि का नाश होता है। स्नायु पुष्ट होते हैं। ध्यान के लिये भी यह आसन उत्तम है। इसके अभ्यास से शारीरिक स्फूर्ति एवं मानसिक प्रसन्नता प्रकट होती है। दिन-प्रतिदिन शक्ति का संचार होता है इसलिए शारीरिक बल में खूब वृद्धि होती है। फिर व्यक्ति बुखार से सिरदर्द से, कब्ज से, मंदाग्नि से या अजीर्ण जैसे छोट-मोटे किसी भी रोग से पीड़ित नहीं रहता।

वज्रासन के फायदे—- शरीर को सुडौल बनाए रखता है और वजन कम करने में मददगार हैं। इस आसान में धीरे-धीरे लम्बी गहरी सांसे लेने से फेफड़े मजबूत होते हैं। वज्रासन से नितम्ब (Hips), कमर (Waist) और जांघ (Thigh) पर जमी हुई अनचाही चर्बी (Fats) कम हो जाती हैं और उच्च रक्तचाप कम होता हैं।

वज्रासन योग करने की विधि- भोजन करने के 5 मिनिट बाद एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह पर कम्बल या अन्य कोई आसन बिछाए। दोनों पैर सामने की तरफ फैलाकर बैठ जाए। इसके बाद बाए (Left) पैर का घुटने को मोड़कर इस तरह बैठे के पैरो के पंजे पीछे और ऊपर की और हो जाए। अब दाए (Right) पैर का घुटना भी मोड़कर इस तरह बैठे के पैरो के पंजे पीछे और ऊपर की और हो जाए और नितम्ब (Hips) दोनों एड़ियों (Ankle) के बीच आ जाए।

दोनों पैर के अंगूठे (Great Toe) एक दूसरे से मिलाकर रखे।दोनों एड़ियो में अंतर बनाकर रखे और शरीर को सीधा रखे। अपने दोनों हाथो को घुटने पर रखे और धीरे-धीरे शरीर को ढीला छोड़े। आँखे बंद कर रखे और धीरे-धीरे लम्बी गहरी साँसे ले और छोड़े। इस आसन को आप जब तक आरामदायक महसूस करे तब तक कर सकते हैं। शुरुआत में केवल 2 से 5 मिनिट तक ही करे।

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