महिला के साथ अश्लील हरकत करने के लिए कैब ड्राइवर को किया गिरफ्तार….

बता दें एक महिला ऊबर कैब सर्विस लेकर एयरपोर्ट से आ रही थी। तभी महिला ने ध्यान दिया कि ड्राइविंग के दौरान घटती-बढ़ती रफ्तार और ड्राइवर के हाव-भाव से महिला को शक हुआ। आगे झांका तो दंग रह गईं। ड्राइवर ने पैंट की जिप खोली हुई थी। वह ड्राइविंग के साथ-साथ मास्टरबेट कर रहा था।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी पाया गया है। इस चूक ने ऐप बेस्ड कैब सर्विस ऊबर के सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह वारदात 15 अप्रैल की है। डीसीपी नई दिल्ली मधुर वर्मा के मुताबिक महिला ने एयरपोर्ट पर ऊबर की कैब बुक की। कैब में रात के वक्त महिला को अकेला देख ड्राइवर गाड़ी चलाते समय उसके सामने ही मास्टरबेशन करने लगा। महिला ने उसकी हरकत को नोटिस किया, लेकिन सुनसान सड़क देख खामोश रही। इस बीच गाड़ी जब जनपथ पर पहुंची को महिला को पुलिस पिकेट दिखाई दी।

 

महिला ने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा। महिला को पुलिस के पास जाते देख ड्राइवर को अंदेशा हो गया कि वह उसकी शिकायत करने जा रही है। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी भगा ले गया। ऐप बेस्ड कैब होने की वजह से महिला के पास ड्राइवर और उसकी गाड़ी, दोनों का ही नंबर था। दिल्ली पुलिस ने रात में ही सर्च अभियान चलाकर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन ड्राइवर को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने एक दिन की रिमांड ली।

पूछताछ और बाद की तफ्तीश में ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी निकला। ऐसे में ऊबर की लापरवाही का बात भी सामने आ रही है। यह चूक इस ओर इशारा कर रही है कि ड्राइवरों के वेरिफिकेशन से संबंधित जिम्मेदारी में कंपनी की तरफ से लापरवाही बरती गई है। कोर्ट ने आरोपी ड्राइवर को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पब्लिक प्लेस में या अकेली महिला-लड़की को देख मास्टरबेशन की यह कोई पहली घटना नहीं है। अभी हाल में ही दिल्ली की एक स्टूडेंट ने बस में यात्रा के दौरान का एक विडियो पोस्ट किया था। इसमें स्टूडेंट के बगल में बैठा अधेड़ शख्स हस्तमैथुन करता दिखाई दे रहा था।
घटना 14 अप्रैल की रात 10:45 बजे हुई थी। पहले तो महिला के बयान पर साउथ एवेन्यू पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 (महिला के सम्मान के खिलाफ कोई हरकत करने का मामला) के तहत केस दर्ज किया, जिसमें थाने से जमानत दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन फिर पुलिस को उस ड्राइवर को जेल भेजने की एक और वजह मिल गई। जांच में उसका ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी निकला। इस आधार पर उसके केस में आईपीसी की धारा 420 का सेक्शन भी ऐड किया गया, फिर अरेस्ट करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी का नाम शौकीन खान है। वह मेवात का रहने वाला है, हालांक आरोपी का पिछला कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है।

 

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