उफान पर नदियां, सात राज्यों में बाढ़-भूस्खलन से आफत…16 की मौत

देश के सात राज्यों में हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत लेकर आई है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड़ में बाढ़ और भूस्खलन के कारण बीते 24 घंटों के दौरान 16 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। कई स्थानों पर भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं जिसके चलते नदी किनारे और आसपास बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

कई स्थानों पर संपर्क मार्गों के बह जाने के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

उत्तर प्रदेश में नौ लोगों की मौत, 6 जख्मी
उत्तर प्रदेश में वर्षा से जुड़े हादसों में बीते 24 घंटे के दौरान नौ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि छह अन्य जख्मी हुए हैं। राहत आयुक्त संजय कुमार ने जानकारी दी कि बस्ती में तीन, सीतापुर और कन्नौज में दो-दो तथा सोनभद्र ओर बिजनौर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। सहारनपुर जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नागादेव समेत कई नदियां उफान पर हैं। तहसील सदर के दतौली मुगल, अल्हेडी बेहडा संदल सिंह का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है और नदी किनारे बसे कई गांव बाढ़ की जद में हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि बेहट क्षेत्र के दबकोरा गांव के पास बह रही नदी में पानी के तेज बहाव में एक व्यक्ति डूब गया। स्थानीय गोताखोरों ने कडी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया जहां। शिवालिक पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश से घाड की नदियों में बाढ़ आ गई है। दोनों ओर नदियों में आई बाढ़ की वजह से मिजार्पुर इलाके का डाडल गांव टापू बन गया है। ग्रामीणों ने बाढ़ के भय से रात सड़कों पर गुजारी।

उत्तराखंड में एक की मौत, एक घायल
उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश के चलते हुई अलग-अलग घटनाओं में एक बालिका की मौत हो गई तथा एक महिला घायल हो गई जबकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश में खासतौर पर आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, हरिद्वार जिले के रूड़की क्षेत्र के मंगलौर में दोपहर बाद करीब ढाई बजे एक चार वर्षीय बालिका घर के बाहर खेलते समय भारी बारिश से उफनाये सिंचाई विभाग के नाले में गिर गई जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, एक अन्य घटना में रूड़की में एक मकान का छज्जा गिरने से एक महिला घायल हो गई। हरिद्वार जिले के ही रजबपुर गांव में बारिश के दौरान दो मकानों पर आसमानी बिजली गिर गई जिससे वे जमींदोज हो गए।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से छह की मौत, स्कूल बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से पिछले 24 घंटे में छह लोगों की मौत हो गई और आदिवासी किन्नौर में रिस्पा पुल बह गया, जबकि प्रशासन को शिमला, कांगड़ा और सोलन में स्कूलों को बंद करना पड़ा। समूचे हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बरसात की वजह से कई सड़कें बंद हो गई हैं जबकि कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल के चाकला गांव में रात को सो रहे परिवार पर मलबा आ गिरा। पूरा परिवार जिंदा दफन हो गया। चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि परिवार का पांचवा सदस्य बाल-बाल बच गया। हिन्नर पंचायत प्रधान निशा ठाकुर ने बताया कि हादसे में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि मिली रिपोर्टों के मुताबिक कांगड़ा उपमंडल में एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि कांगड़ा जिले की फतेहपुर तहसील में भी एक शख्स की जान गई है। अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण व्यास नदी में प्रवाह बहुत तेज है जिसके मद्देनजर भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अधिकारियों ने सोमवार सुबह नौ बजे से पंडोह बांध से पानी छोड़ना शुरू किया। शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, पौंटा साहिब में 239 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सुजानपुर तिहरा में 238 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 14, 16 और 17 अगस्त को राज्य के निचले और मध्यम उंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

अमित शाह का हिमाचल दौरा रद
बारिश ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे पर पानी फेर दिया है। शाह का 16 अगस्त को हिमाचल का दौरा स्थगित हो गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने बताया कि हिमाचल में भारी बारिश होने और जानमाल के भारी नुकसान के कारण पार्टी ने यह निर्णय लिया।

छत्तीसगढ़ में नदी में बहे युवक को बचाया
छत्तीसगढ़ की वनांचल नगरी सिहावा में हुई मूसलाधार और व्यापक बारिश के चलते धमतरी जिले में भारी असर पड़ा है। नदी में बहे एक युवक को बचा लिया गया है। सीता नदी समेत अन्य छोटे नदी-नालों का पानी भारी मात्रा में जंगल और सड़कों पर आ गया। विशेषकर नगरी सिहावा अंचल के कई गांवों में आवाजाही में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अभी भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जानकारी के अनुसार सीता नदी रपटा पार करते समय रविवार को बोराई निवासी सुनील सामरथ (29) बह गया। लोगों के मना करने के बावजूद वह नदी पार कर रहा था। आगे जाकर उसे लोगों ने बचाया। उसे चोट भी आई है। सुनील को विश्रामपुरी के अस्पताल में भतीर् कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

हरियाणा में यमुना उफान पर 
पहाड़ों पर लगातार बारिश से यमुना नदी एक बार फिर उफान पर है। नदी में जल बहाव तेज हो जाने पर हथनीकुंड बैराज से पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर की सप्लाई रोक दी गई है। नदी में सोमवार को पानी का बहाव 1 लाख 44 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। यमुना की सहायक नदियों में भी उफान आ गया है। इससे हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। यमुना के साथ-साथ उसकी सहायक सोम नदी ने भी विकराल रूप धारण कर लिया। इससे नदी के आसपास के क्षेत्रों के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने पानी की धार तेज होने के साथ ही बाढ़ से बचने के उपाय शुरू कर दिए हैं।

केरल में बाढ़ का कहर बरकरार
केरल के कई हिस्सों में फिर से बारिश होने के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित इदुक्की जिले में बाढ़ का कहर अब भी बना हुआ है। मौसम अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि केरल और लक्षद्वीप के तटों पर 35 से 45 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है और इसकी गति 60 किलोमीटर तक जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि इदुक्की पनबिजली बांध में जलस्तर घटकर 2,397.58 फुट तक आ गया है जिससे निचले इलाकों में बाढ़ को लेकर खतरा कम हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान स्तर को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गयी है। हालांकि, इदुक्की जलाशय का हिस्सा चेरूथोनी बांध के पांच फाटक खोल दिए गए हैं।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, अमरनाथ यात्रा रुकी
जम्मू कश्मीर के रामबन और उधमपुर जिलों में भारी बारिश की वजह से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ और इसके कारण सोमवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि मुगल रोड यातायात के लिए दोनों ओर से खुला हुआ है।

उन्होंने बताया कि कश्मीर को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाले करीब 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को रामबन जिले में सेरी और उधमपुर जिले में खेरी में भूस्खलन के कारण बंद करना पड़ा। यातायात अवरूद्ध होने से सैकड़ों यात्री फंस गए हैं। वहीं, खराब मौसम के कारण जम्मू से अमरनाथ यात्रा भी निलंबित कर दी गई।

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