आम और अंगूरों के निर्यात पर डाला असर, उत्पादन में आई कमी…..

भारत द्वारा निर्यात किए गए 55,000 मीट्रिक टन आमों का 60 प्रतिशत हिस्सा अकेले महाराष्ट्र राज्य से आता है। पिछले साल महाराष्ट्र की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 27, 000 मीट्रिक टन आमों का निर्यात किया गया था। महाराष्ट्र का राज्य कृषि विपणन बोर्ड इस साल आम के निर्यात को 36,000 मीट्रिक टन के स्तर तक ले जाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन बेमौसम बरसात ने ये खेल बिगाड़ दिया है।

 

महाराष्ट राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष सुनील पवार ने कहा हम ईरान और आस्ट्रेलिया में किए जाने वाले आम के निर्यात को बढ़ाना चाहते हैं। पवार ने कहा हम इस साल अमेरिका में 1000 टन और यूरोपियन यूनियन के देशों में 3500 टन आमों का निर्यात करेंगे।

ग्रेप्स एक्सपोर्ट एसोसिएसन के अध्यक्ष जगन्नाथ खापरे ने कहा कि इस साल हम 88,350 टन अंगूरों का यूरोप में निर्यात करेंगे, पिछले साल ये आकड़ा 1.02 लाख टन के करीब था। लेकिन नासिक और उसके दूसरे हिस्सो में हुई बेमौसम बरसात ने अंगूरों के उत्पादन में रिकॉर्ड 40 प्रतिशत की कमी कर दी है।

 महराष्ट्र के दो प्रमुख कृषि निर्यातों में से एक आम और अंगूर पर मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

दरअसल खराब मौसम की वजह से आम और अंगूर का निर्यात अपने पिछले साल के स्तर को बड़ी मुश्किल से पहुंच सकेगा। पिछले साल के निर्यात से तुलना करे तो आम के निर्यात में भले ही थोड़ी बढ़त देखने को मिले लेकिन अंगूर के निर्यात का अपने पिछले साल के स्तर तक पहुंच पाना बड़ा मुश्किल है।

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