अंजलि बोली हाईस्कूल में टाॅप करने के बाद ,बनना चाहती हूं वैज्ञानिक

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में टॉप करने वाली अंजली वर्मा वैज्ञानिक बनकर देश का नाम रोशन करना चाहती है।बृज बिहारी शाही इंटर कालेज शिवकुटी इलाहाबाद की हाईस्कूल में 96.33 फीसदी अंक हासिल कर टॉप करने वाली अंजली वर्मा का कहना है कि उसका 2 घंटे सुबह और 6 घंटे शाम की नियमित पढ़ाई का सालभर का सुखद परिणाम उसके सामने है।

अंजलि देश के महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डा ए पी जे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानती है। उसने बताया कि यदि सच्ची लगन हो तो कोचिंग की कोई आवश्यकता नहीं। उसने कहा कि उसके प्रदेश में टॉप करने में कोचिंग का कोई योगदान नहीं है। उसने किसी प्रकार की कोई कोचिंग नहीं की थी। चेस खेलना और संगीत सुनना उसकी पसन्द है।

मूलरूप से अंबेडकरनगर की रहने वाली अंजली ने बताया कि उसके पिता आसाराम वर्मा किसान है जबकि मां चक्रवर्ती देवी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका हैं। 3 भाई बहनों में इसका दूसरा स्थान है। बड़ी बहन दीक्षा वर्मा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा है जबकि छोटा भाई आदर्श वर्मा अंबेडकरनगर के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र है। उसका मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकल विहीन परीक्षा कराकर छात्रों के भविष्य के साथ न्याय किया है। उसने बताया कि नकल कर पास होना अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है।

अंजली का मानना है कि गिर कर जो उठे वह बहादुर होता है। जीवन में हार-जीत तो लगी रहती है। अगर लगन सच्ची है तो परिणाम सकारात्मक ही मिलेगा। परीक्षा में बडी संख्या में छात्रों के परीक्षा छोड़ने पर उसने कुछ सोचते हुए कहा कि छात्रों ने योगी की नकल विहीन परीक्षा कराने का संकल्प और सीसीटीवी कैमरा की दहशत में परीक्षा छोड़ी, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उसने कहा नकल करना अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है। जो व्यक्ति अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकता है वह दूसरों का भविष्य क्या संवारेगा।

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