सावधान: उत्तर प्रदेश में 2 अक्टूबर से प्रतिबंधित हो जाएंगी यह आवश्यक चीजें, जरूर जान लें

ज्ञातव्य हो कि योगी सरकार ने बीते रविवार को उत्तर प्रदेश में पॉलीथिन से निर्मित कैरी बैग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। जिस कारण से उत्तर प्रदेश में तकरीबन 100 करोड़ की पॉलीथिन के नुकसान होने की आशंका है। आपको बता दें कि एक अंदाजा के अनुसार मात्र लखनऊ में ही तकरीबन 15 करोड का स्टॉक जमा है। गौरतलब है कि रविवार को जांच के दौरान टीम ने 280 किलो से अधिक पॉलीथिन जब्त की तथा ₹34200 का जुर्माना भी वसूला। गौरतलब है कि प्रतिबंध के बावजूद पॉलीथिन स्टॉक व बिक्री के पकड़े जाने पर अधिकतम ₹ एक लाख का जुर्माना तथा 1 साल तक की जेल हो सकती है।

आपको बता दें कि एक जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में वैध तथा अवैध रूप से तकरीबन 100 फैक्ट्रियां पॉलीथिन का निर्माण कर रही हैं। जिसमें से अवैध रूप से 300 टन पॉलीथिन तथा अवैध रूप से दुकानदारों के पास तकरीबन 600 टन पॉलिथीन के स्टॉक होने की आशंका है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में सिर्फ 50 माइक्रोन से पतली पॉलीथिन प्रतिबंधित की गई है। जबकि अभी भी 50 माइक्रोन से मोटी पॉलिथीन का निर्माण जारी है तथा वह उत्तर प्रदेश में कहीं भी प्रतिबंधित नहीं है।

आपको बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश शासन ने 50 माइक्रोन से पतली पॉलीथिन को प्रतिबंधित करने के बाद प्लास्टिक तथा थर्माकोल से बनी वस्तुओं को भी प्रतिबंधित करने की तैयारी कर ली है। जिसके लिए नगर विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके मुताबिक 15 अगस्त से थर्माकोल से बनी सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबंध लग जाएगा तथा साथ ही 2 अक्टूबर से डिस्पोजल प्लास्टिक कैरी बैग पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। गौरतलब है कि इन तीनों प्रकार की प्लास्टिक को एक साथ प्रतिबंधित करने पर उत्तर प्रदेश की जीडीपी को खतरा था। जिस वजह से 50 माइक्रोन से पतली पॉलीथिन, प्लास्टिक से बने सामान तथा थर्माकोल से बनी वस्तुएं एक साथ प्रतिबंधित नहीं की गई। गौरतलब है कि आने वाले 2 अक्टूबर से डिस्पोजल प्लास्टिक कैरी बैग पर भी प्रतिबंध लग जाएगा।

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