मलमास में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ,जानिए क्यों फलदायी होता हैं…..

 

भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता कहा जाता हैं. इनकी विशेष पूजा के लिए समर्पित मलमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता हैं. इस मास में भगवान विष्णु की विशेष पूजा व उपासना से जीवन का निर्वाह सहज हो जाता है.अधिक मास में विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ विशेष फलदायी होता है. इससे हर तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है.

विष्णु सहस्रनाम, भगवान विष्णु का एक ऐसा मंत्र है जिसमें उनके हजार नामों का सम्मिश्रण है अर्थात अगर कोई व्यक्ति भगवान विष्णु के हजार नामों का जाप नहीं कर सकता है तो वह इस एक मंत्र का जाप कर सकता है. इस एक मंत्र में अथाह शक्ति छिपी हुई है जो जीवन में सभी परेशानियों को दूर करने में सहायक है.

 

विष्णु सहस्रनाम मंत्र :- नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे।
सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नमः।।

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इस मंत्र के जाप से श्री हरि की कृपा मिटी हैं और सारे काम आसानी से बनने लगते हैं. इस मंत्र का जाप कभी भी किया जा सकता हैं परन्तु गुरुवार से करना शुभ माना जाता हैं. यदि संस्कृत भाषा में पाठ कठिन हो तो हिंदी में भी भगवान के नामों का जाप किया जा सकता है. इस पाठ को प्रातः में करने और भगवान विष्णु का ध्यान करने से बहुत लाभ होता हैं.जितने भी दिन भवन विष्णु का सहस्त्रनाम का पाठ करें , सात्विक वैष्णव भोजन ग्रहण करें. इस पाठ को करने के लिए प्रातः उठकर स्नानादि के पश्चात् पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु को चने और गुड या पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए तथा बृहस्पतिवार की रात्रि में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए.

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