मासिक धर्म से जुड़ी ये 5 भ्रम लोगों में हैं व्याप्त, जानें

मासिक धर्म के बारे में लोगों के बीच शुरू से ही बहुत सी भ्रांतियां रहीं हैं. बहुत से लोग इसे अपवित्र मानते हैं. आज भी हमारे देश में बहुत से ऐसे समाज हैं, जिनमें महिला के मासिक धर्म होने के दौरान उसे खाना बनाने तक की इजाजत नहीं होती है. आज हम महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़े कुछ भ्रम के बारे में बता रहें हैं.

पुराने समय में लोग इसे एक बीमारी की तरह मानते थे. आज भी कई ऐसे समाज हैं, जिनमें महिला के मासिक धर्म को बीमारी माना जाता है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उन दिनों में एक महिला के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, जैसे वो कोई मरीज हो. बहुत से लोग उन दिनों में महिला को मंदिर नहीं जाने देते, किचन में नहीं जाने देते.

ऐसा कहा जाता है कि महिलाओं को पारियड्स के दौरान व्यायाम नहीं करना चाहिए. दर्द के दौरान लड़कियां वैसे भी व्यायाम नहीं करना चाहती हैं. लेकिन आपको बता दें कि आप जितना आराम करेंगे उतना ही आपको दर्द होगा, इसलिए जितना ज्यादा हो सके सक्रिय रहें, इससे रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह सुचारू रूप से होता है और दर्द और ऐंठन दूर होती है.

बहुत से लोगों में ये भ्रम व्याप्त है कि अगर किसी महिला को मासिक धर्म है और अचार छू लेती है तो वो खराब हो जाता है. लेकिन ये सही नहीं है. लोगों को ये लगता है कि उन दिनों के दौरान लड़की के हाथ पर खतरनाक कीटाणु लग जाएंगे और अचार को छूने से वो खराब हो जाएगा.

बहुत से ऐसे लोग हैं जो उन दिनों में महिलाओं को किचन के अंदर में घुसने नहीं देते हैं. अब इसके बारे में क्या कहा जा सकता है. सिर्फ इतना ही कि लोगों की सोच कितनी बेकार है.

ये भ्रम भी लोगों के बीच व्याप्त है कि उन दिनों में लड़कियों को मंदिर नहीं जाना चाहिए. क्योंकि उन दिनों में लड़कियां अपवित्र हो जाती हैं और अपवित्र होकर मंदिर नहीं जाना चाहिए. लेकिन ऐसा कहने वालों से जरा ये पूछे कि क्या बाहर से ही अपवित्रता होती है और शरीर के अंदर है उससे क्या पवित्रता भंग नहीं होती है?

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