स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का लाल किले से भाषण कितना महत्वपूर्ण है, पढ़े

राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. देश कल 72वां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाएगा. प्रधानमंत्री के संबोधन स्थल लालकिले और राजधानी के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा के इंतजामों के बीच दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता उमर खालिद पर कल लुटियंस क्षेत्र में हुए हमले तथा आज ब्रिटेन के संसद भवन के बाहर सुरक्षा अवरोधकों से एक कार के टकराने की घटना के मद्देनजर पुलिस हाई अलर्ट पर है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की घटना को अभी आतंकी कृत्य करार नहीं दिया गया है, लेकिन पुलिस कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती.

लोकसभा चुनाव से पहले लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतिम भाषण किसानों, युवाओं, गरीबों पर केंद्रित हो सकता है। दस करोड़ परिवारों के लिए मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान भारत योजना के लांच की तारीख का ऐलान तो होगा ही। किसानों से लागत से डेढ़ गुना मूल्य पर फसलों की खरीद सुनिश्चित करने की पुख्ता प्रणाली के साथ-साथ जन-धन खाताधारकों और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना व प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना के लाभ को बढ़ाने की घोषणा हो सकती है।

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का लाल किले से भाषण कितना महत्वपूर्ण है, पढ़े

माना जा रहा है कि यह भाषण अपेक्षाकृत थोड़ा लंबा भी हो सकता है जिसमें सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ-साथ यह याद भी दिलाया जाएगा कि 2022 में न्यू इंडिया का सपना साकार करने में हर वर्ग का साथ चाहिए। जो निचले पायदान पर खड़े हैं उन्हें भी इतना सशक्त बनाया जाएगा कि न्यू इंडिया के आधार में उनकी भी ईंट हो।

10 हजार पुलिसकर्मी लालकिले पर सुरक्षा के लिए तैनात

राष्ट्रीय राजधानी की रखवाली में लगभग 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं. लगभग 10 हजार पुलिसकर्मी लालकिले पर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं जहां कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान वरिष्ठ मंत्रियों, शीर्ष नौकरशाहों, विदेशी हस्तियों और आम लोगों की मौजूदगी होगी. दिल्ली पुलिस के कर्मियों से विशेष रूप से आसमान पर नजर रखने को कहा गया है जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि लालकिले के आसपास के क्षेत्रों में कोई पतंग दिखाई न दे. पिछले साल, प्रधानमंत्री जब स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे तो एक काली पतंग मंच के सामने आकर गिरी थी. पतंग से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था और प्रधानमंत्री ने इससे प्रभावित हुए बिना अपना संबोधन जारी रखा था.

लालकिले से पीएम मोदी के इस बार के भाषण में किन मुद्दों पर हो सकता है फोकस

  1. मौद्रिक योजनाएं और देश की आर्थिक स्थिति
  2. जनधन योजना
  3. रोजगार
  4. भ्रष्टाचार और काला धन
  5. बैंक कर्ज डिफॉल्टर्स
  6. सुशासन, बुनियादी ढांचे का विकास और सरकारी योजनाओं पर अमल
  7. सड़क, राजमार्ग और रेलवे
  8. विद्युतीकरण और LED बल्ब
  9. आधार कार्ड
  10. जन स्वास्थ्य
  11. स्वच्छ भारत मिशन
  12. सामाजिक न्याय और असहिष्णुता.

लाल किले पर फहरता है यहां का बना तिरंगा, महिलाओं की है अहम भूमिका

कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्‍त संघ (फेडरेशन) बनाती है झंडे

– कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्‍त संघ (फेडरेशन) यानी KKGSS खादी व विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन द्वारा सर्टिफाइड देश की अकेली ऑथराइज्‍ड नेशनल फ्लैग मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट है।

– यह कर्नाटक के हुबली शहर के बेंगेरी इलाके में स्थित है और इसे हुबली यूनिट भी कहा जाता है।

-KKGSS की स्‍थापना नवंबर 1957 में हुई थी और इसने 1982 से खादी बनाना शुरू किया।

– 2005-06 में इसे ब्‍यूरो ऑफ इंडियन स्‍टैंडर्ड्स (BIS) से सर्टिफिकेशन मिला और इसने राष्‍ट्रीय ध्‍वज बनाना शुरू किया।

– देश में जहां कहीं भी आधिकारिक तौर पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज इस्‍तेमाल होता है, यहीं के बने झंडे की होती है सप्‍लाई।

– विदेश में मौजूद इंडियन एंबेसीज के लिए भी यहीं बनाए जाते हैं झंडे

– इसके अलावा ऑर्डर व कुरियर के जरिए कोई भी कर सकता है खरीद

बागलकोट में बनता है तिरंगे के लिए धागा और कपड़ा

– KKGSS की बागलकोट यूनिट में हाई क्‍वालिटी के कच्‍चे कॉटन से बनाया जाता है धागा

– गाडनकेरी, बेलॉरू, तुलसीगिरी में कपड़ा होता है तैयार, फिर हुबली यूनिट में होती है डाई व बाकी की प्रॉसेस

– जीन्‍स से भी ज्‍यादा मजबूत होता है कपड़ा

– केवल कॉटन और खादी के बनते हैं झंडे

– हाथ से मशीनों व चरखे के जरिए बनाया जाता है धागा

टेबल से लेकर राष्‍ट्रपति भवन तक के लिए नौ साइज के झंडे

1- सबसे छोटा 6×4 इंच- मीटिंग व कॉन्‍फ्रेंस आदि में टेबल पर रखा जाने वाला झंडा

2- 9×6 इंच- वीवीआईपी कारों के लिए

3- 18×12 इंच- राष्‍ट्रपति के वीवीआईपी एयरक्राफ्ट और ट्रेन के लिए

4- 3×2 फुट- कमरों में क्रॉस बार पर दिखने वाले झंडे

5- 5.5×3 फुट- बहुत छोटी पब्लिक बिल्डिंग्‍स पर लगने वाले झंडे

6- 6×4 फुट- मृत सैनिकों के शवों और छोटी सरकारी बिल्डिंग्‍स के लिए

7- 9×6 फुट- संसद भवन और मीडियम साइज सरकारी बिल्डिंग्‍स के लिए

8- 12×8 फुट- गन कैरिएज, लाल किले, राष्‍ट्रपति भवन के लिए

9- सबसे बड़ा 21×14 फुट- बहुत बड़ी बिल्डिंग्‍स के लिए

Facebook Comments