देश मे शिक्षा विभाग की लापरवाही की पोल खोल रहा जम्मू का ये स्कूल

हमारे देश मे शिक्षा के स्तर को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते है। आए दिन हमे शिक्षा विभाग की लापरवाही की कोई न कोई खबर देखने को मिल ही जाती है। कभी कही परीक्षा मे खुले आम नकल होने का खुलासा होता है तो कभी किसी विद्यालय मे शिक्षकों के लगातार अनुपस्थित रहने का। खासकर के सरकारी विद्यालयों की हालत तो और भी खराब है।

जब भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने इन मामलो को उठाया जाता है तो वो अक्सर ये कह कर बात टाल देते है की देश मे शिक्षकों की बहुत  कमी है और इसी वजह से हम हर स्कूल मे इतने कम शिक्षक रखने पर मजबूर है। लेकिन हाल ही मे जम्मू के संबा से एक ऐसा मामला आया है जो इन दलीलों से बिलकुल उलट है। दरअसल जम्मू के संबा मे एक ऐसा सरकारी विद्यालय है जहा केवल 3 विद्यार्थी पढ़ते है परंतु शिक्षक 6 है जिनमे एक प्रिन्सिपल भी शामिल है। और ये ऐसा अकेला विद्यालय नहीं है बल्कि जम्मू मे ऐसे और भी विद्यालय है जिनमे
विद्यार्थी कम है और शिक्षक ज्यादा।

यह खबर हमे दो मामलो पे सोचने को मजबूर करती है, पहला यह कि इन विद्यालयों मे इतने कम बच्चे क्यों होते है ? दरअसल जम्मू के इन इलाको मे अधिकतर आबादी मुस्लिम है और इन परिवारों के लोग विद्यालयों से ज्यादा प्राथमिकता मदरसों को देते है। इन विद्यालयों मे बच्चों की घटती आबादी की दूसरी वजह जम्मू मे बढ़ती आतंकवादी घटनाएँ भी है।

तो फिर अब दूसरा सवाल ये उठता है की अगर इस  विद्यालय मे इतने कम विद्यार्थी है तो फिर यहाँ इतने शिक्षको को क्यों नियुक्त किया गया है। इस सवाल के जवाब मे संबा के मुख्य शिक्षा अधिकारी राम पोल ने बयान दिया है कि संबा जिले मे और कोई विद्यालय न होने कि वजह से ही इस विद्यालय मे अधिक शिक्षको को नियुक्त किया गया था। हालांकि  विद्यार्थियों कि संख्या अत्यंत कम होने कि वजह से अब इन अध्यापकों का ट्रान्सफर कर दिया जाएगा। इस मामले कि जांच के आदेश भी दे दिये गए है।

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