World Wide वेब ने पूरे किये 30 साल, गूगल कर रहा है डूडल के जरिये सेलिब्रेट

गूगल 30वें बर्थडे को डूडल के जरिए सेलीब्रेट कर रहा है.
वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) को 30 साल हो चुके हैं. गूगल 30वें बर्थडे को डूडल (Google Doodle) के जरिए सेलीब्रेट कर रहा है. 12 मार्च 1989 को ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी टिम बर्नर्स ली यूरोप की लैब CERN में काम करते थे. वहां उन्होंने वर्ल्ड वाइड वेब को बनाया. उनकी वजह से आज करोड़ों लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. WWW के उत्पत्ति के लक्षण 1980 में ही दिखने लगे थे. 1989-90 में पहली बार कंप्‍यूटर वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली ने वर्ल्ड वाइड वेब का आइडिया दिया था. उस समय टिम को अंदाजा भी नहीं था कि वर्ल्ड वाइड वेब इतना बड़ा आकार ले लेगा. आज हम आपको बताएँगे कि कैस आया वर्ल्ड वाइड वेब.
1). टिम बर्नर्स ली ने स्विटजरलैंड में यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन (CERN) में नौकरी करने के दौरान ब्राउजर कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा था. उन्‍होंने तीन टेक्‍नोलॉजी के फंडामेंटल लिखे जिनमें, HTML, URL और HTTP शामिल है. 6 अगस्त 1991 को टिम ने वर्ल्ड वाइड वेब प्रोजेक्ट का रिसर्च पेपर छपवाया.
2). इस रिसर्च पेपर में टिम ने CERN के अपने मैनेजर से एक ऐसे इंफॉर्मेशन सिस्टम की मांग की थी जो उनकी लैब में एक कम्प्यूटर से दूसरे को कनेक्ट कर सके. टिम का यह प्रपोजल स्वीकार कर लिया गया और इसके बाद यूनिवर्सिटी और रिसर्चर्स एक कनेक्शन नेटवर्क से जुड़े.
3). यह था इंटरनेट पर पहला कम्युनिकेशन. 1991 में वेब ब्राउजर को CERN के बाहर रिलीज किया गया. अन्य रिसर्च संगठनों ने भी इस पर काम किया. इस तरह से 6 अगस्त को इंटरनेट का जन्म हुआ. पहली वेबसाइट http://info.cern.ch थी. अप्रैल 1993 में CERN कंपनी ने इंटरनेट की रॉयल्टी ओपन सोर्स कर दी.

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