ये तीन उपाए किसी ने कर लिए तो वो इंसान अपनी इच्छा से मरेगा, भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताए थे मृत्यु को टालने के 3 अचूक उपाय

भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था। महाभारत युद्ध के बाद भी वे सूर्य के उत्तरायण नक्षत्र में जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे ताकि वे मृत्योपरांत मोक्ष प्राप्त कर सकें। इस अंतराल में सभी युद्ध में बचे हुए योद्धा उनसे प्रवचन सुनने आया करते थे । भीष्म पितामह का धर्मराज युधिष्ठिर से विशेष लगाव था, इसीलिए वे युधिष्ठिर के साथ अधिक समय व्यतीत किया करते थे। इसी बीच उन्होंने युधिष्ठिर को कुछ ऐसे अचूक उपाय बताए जिससे कोई भी व्यक्ति अपनी मृत्यु को टाल सकता है । आइये जानते हैं।

1: क्रोध पर नियंत्रण: भीष्म ने युधिष्ठिर से कहा कि क्रोध एक ऐसा शत्रु है जो व्यक्ति के शरीर को भीतर से खोखला करता चला जाता है और समय के साथ साथ क्रोधी स्वभाव के व्यक्ति की आयु कम होती चली जाती है । क्रोध पर नियंत्रण करके कोई भी व्यक्ति अपनी आयु को बढ़ा सकता है।

2: शुद्ध आचरण: व्यक्ति को अपना आचरण सदा शुद्ध रखना चाहिए । ऐसा करने से व्यक्ति की चेतना का उत्थान होता है और उसकी चेतना अधिक समय तक शरीर धारण कर सकती है । इसीलिए अपने आचरण को शुद्ध करने में विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ।

3: सात्विक भोजन: व्यक्ति को हमेशा सात्विक भोजन ही करना चाहिए। तामसी भोजन करने से व्यक्ति के शरीर में कई रोग उत्पन्न हो जाते हैं, जिसके कारण मनुष्य की आयु अल्प होती जाती है। सात्विक भोजन करने से आपकी आत्मा और आचरण दोनों ही शुद्ध रहते हैं तथा मनुष्य दीर्घायु को प्राप्त करता है।

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