विरोध किया तो लगा दी आग, 14 साल की लड़की से छेड़छाड़ करते थे मनचले

सरधना में 14 साल की छात्रा से शोहदे लगातार छेड़छाड़ करते रहे। जब छात्रा से रहा नहीं गया तो घर पर शिकायत कर दी। इसकी सजा छात्रा को इस कदर भुगतनी पड़ी कि अस्पताल में वह मौत से जूझ रही है। उसका चेहरा सहित शरीर बुरी तरह झुलस चुका है। वह तड़प रही है और टूटते शब्दों में कह रही है कि ऐसे तड़पने से अच्छा तो मौत आ जाए।

मेरठ में गढ़ रोड स्थित एसएम हॉस्पिटल में भर्ती छात्रा के शुक्रवार शाम मजिस्ट्रेटी बयान हुए। छात्रा ने सरधना के छह लड़कों का नाम लिए, जो उसे हर रोज परेशान करते थे। छात्रा ने बताया कि वे शोहदे उसका घर से लेकर स्कूल और फिर कोचिंग तक पीछा करते थे। दबाव बनाते थे कि वह उनसे बात करे। शुरुआत में छात्रा ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। बाद में शोहदों की हरकतें बढ़ती गईं। वे रास्ता रोककर छेड़छाड़ करने लगे। छात्रा के मुताबिक गुरुवार को एक मनचले ने उसके हाथ में जबरन मोबाइल थमा दिया। कहा कि वह रात में एक बजे कॉल करेगा और बात नहीं करेगी तो अंजाम बुरा होगा।

छात्रा ने घर पहुंचते ही मोबाइल अपने पिता को सौंप दिया और पूरा घटनाक्रम बताया। शोहदों ने जैसा कहा था, उसी के मुताबिक रात एक बजे छात्रा के मोबाइल पर कॉल की। छात्रा के पिता ने फोन उठाया तो उनमें कहासुनी हो गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह छात्रा के माता-पिता, आरोपी लड़के के घर पहुंचे। उसके परिजनों को बताया कि उनके लड़के ने उनकी पुत्री को मोबाइल दिया है और अब फोन पर परेशान कर रहा है। लड़के के परिजनों ने भरोसा दिया कि वह उसे समझा देंगे, आइंदा ऐसा नहीं होगा। छात्रा के परिजनों ने बताया कि वह घर पहुंचे ही थे कि मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ उनके घर में घुस आया। मारपीट की और छात्रा पर केरोसिन उड़ेलकर उसे आग लगा दी।

सरधना में 14 साल की छात्रा से शोहदे लगातार छेड़छाड़ करते रहे। जब छात्रा से रहा नहीं गया तो घर पर शिकायत कर दी। इसकी सजा छात्रा को इस कदर भुगतनी पड़ी कि अस्पताल में वह मौत से जूझ रही है। उसका चेहरा सहित शरीर बुरी तरह झुलस चुका है। वह तड़प रही है और टूटते शब्दों में कह रही है कि ऐसे तड़पने से अच्छा तो मौत आ जाए।

मेरठ में गढ़ रोड स्थित एसएम हॉस्पिटल में भर्ती छात्रा के शुक्रवार शाम मजिस्ट्रेटी बयान हुए। छात्रा ने सरधना के छह लड़कों का नाम लिए, जो उसे हर रोज परेशान करते थे। छात्रा ने बताया कि वे शोहदे उसका घर से लेकर स्कूल और फिर कोचिंग तक पीछा करते थे। दबाव बनाते थे कि वह उनसे बात करे। शुरुआत में छात्रा ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। बाद में शोहदों की हरकतें बढ़ती गईं। वे रास्ता रोककर छेड़छाड़ करने लगे। छात्रा के मुताबिक गुरुवार को एक मनचले ने उसके हाथ में जबरन मोबाइल थमा दिया। कहा कि वह रात में एक बजे कॉल करेगा और बात नहीं करेगी तो अंजाम बुरा होगा।

छात्रा ने घर पहुंचते ही मोबाइल अपने पिता को सौंप दिया और पूरा घटनाक्रम बताया। शोहदों ने जैसा कहा था, उसी के मुताबिक रात एक बजे छात्रा के मोबाइल पर कॉल की। छात्रा के पिता ने फोन उठाया तो उनमें कहासुनी हो गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह छात्रा के माता-पिता, आरोपी लड़के के घर पहुंचे। उसके परिजनों को बताया कि उनके लड़के ने उनकी पुत्री को मोबाइल दिया है और अब फोन पर परेशान कर रहा है। लड़के के परिजनों ने भरोसा दिया कि वह उसे समझा देंगे, आइंदा ऐसा नहीं होगा। छात्रा के परिजनों ने बताया कि वह घर पहुंचे ही थे कि मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ उनके घर में घुस आया। मारपीट की और छात्रा पर केरोसिन उड़ेलकर उसे आग लगा दी।

नहीं मिली एम्बुलेंस, तड़पती रही छात्रा
सरधना। सीएचसी स्टाफ ने प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन वह आधा घंटे तक सीएचसी नहीं पहुंची। छात्रा स्ट्रेचर पर ही पड़े हुए तड़पती रही। बाद में परिजनों ने प्राइवेट गाड़ी बुलाई और छात्रा को मेरठ जिला अस्पताल ले गए।

छेड़छाड़ करा सकती है सरधना में फिर बवाल
सरधना। छेड़छाड़ को लेकर सरधना वर्ष 2004 में दंगे का दंश झेल चुका है। मेला बूढ़ा बाबू में छेड़छाड़ को लेकर बवाल हुआ था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। कस्बे में कई दिन तक कर्फयू भी झेलना पड़ा था। अब भी नगर में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं। अशोक स्तंभ व गंज बाजार में सबसे अधिक छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। आए दिन होने वाली घटनाओं को देखते हुए अशोक स्तंभ पर पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया, लेकिन छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा। पुलिस चौकी पर अक्सर ताला लगा रहता है, जिसके चलते मनचले बेखौफ होकर छेड़छाड़ को अंजाम देते हैं।
उधर, पुलिस ने छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्लान तैयार नहीं किया है। न तो मुख्य बाजार में गश्त ही होती है और न ही कॉलेज, स्कूलों व कोचिंग सेंटरों के आसपास कुछ सुरक्षा दिखती। यदि पुलिस ने अब भी छेड़छाड़ को लेकर सख्त कदम नहीं उठाए तो यहां कभी भी बड़ा बवाल हो सकता है।

घटना बेहद गंभीर है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। -संतोष कुमार, सीओ सरधना

नहीं मिली एम्बुलेंस, तड़पती रही छात्रा
सीएचसी स्टाफ ने प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन वह आधा घंटे तक सीएचसी नहीं पहुंची। छात्रा स्ट्रेचर पर ही पड़े हुए तड़पती रही। बाद में परिजनों ने प्राइवेट गाड़ी बुलाई और छात्रा को मेरठ जिला अस्पताल ले गए।

छेड़छाड़ करा सकती है सरधना में फिर बवाल
छेड़छाड़ को लेकर सरधना वर्ष 2004 में दंगे का दंश झेल चुका है। मेला बूढ़ा बाबू में छेड़छाड़ को लेकर बवाल हुआ था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। कस्बे में कई दिन तक कर्फयू भी झेलना पड़ा था। अब भी नगर में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं। अशोक स्तंभ व गंज बाजार में सबसे अधिक छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। आए दिन होने वाली घटनाओं को देखते हुए अशोक स्तंभ पर पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया, लेकिन छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा। पुलिस चौकी पर अक्सर ताला लगा रहता है, जिसके चलते मनचले बेखौफ होकर छेड़छाड़ को अंजाम देते हैं।

उधर, पुलिस ने छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्लान तैयार नहीं किया है। न तो मुख्य बाजार में गश्त ही होती है और न ही कॉलेज, स्कूलों व कोचिंग सेंटरों के आसपास कुछ सुरक्षा दिखती। यदि पुलिस ने अब भी छेड़छाड़ को लेकर सख्त कदम नहीं उठाए तो यहां कभी भी बड़ा बवाल हो सकता है।

घटना बेहद गंभीर है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। संतोष कुमार, सीओ सरधना

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