योगी : मनरेगा का सही इस्तेमाल होता तो आत्महत्या के लिए किसानों को मजबूर नहीं होना पड़ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर खेती से लेकर जल संरक्षण तक के कार्य में मनरेगा का सही इस्तेमाल किया गया होता तो प्रदेश में आत्महत्या के लिए किसानों को  मजबूर नहीं होना पड़ता। उन्होंने कहा कि मनरेगा को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव तथा शासन-प्रशासन की इसके प्रति शिथिलता व लापरवाही है।
मुख्यमंत्री योगी बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित कृषि से जुड़े क्षेत्रों में मनरेगा के उपयोग विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
योगी ने कहा कि सरकार खेती किसानी के ज्यादातर क्षेत्रों में मनरेगा के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। इसके लिए किसानों से लेकर इस क्षेत्र में सक्रिय हर वर्ग से विचार लिया जाएगा। ताकि मनरेगा को जोड़कर खेती को बेहतर और उपयोगी बनाया जा सके जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी।
योगी ने कहा कि खेती के पूर्व, खेती के दौरान और खेती के बाद की परिस्थितियों में मनरेगा का इस्तेमाल कैसे हो इसके लिए नीति आयोग के अनुरोध पर प्रदेश में चार स्थानों पर इस तरह के कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। यह पहली कार्यशाला है बाकी तीन अलग-अलग मंडलों मसलन मेरठ झांसी,गोरखपुर में आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यशालाओं में किसानों से सीधा संवाद कर खेती में मनरेगा के उपयोग के रास्ते को तलाशा जाएगा। इस पहली कार्याशाला में लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, देवीपाटन मंडल के जिलों के किसानों को बुलाया गया है।

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