यूपी की वो जगह जहां एक राजा की मौत के गम में लोग नहीं खेलते होली

जहां पूरा देश होली के जश्न में डूबा हुआ है वहीं यूपी का एक इलाका ऐसा भी है जहां लोग होली के दिन राजा की मौत के शोक में डूबे रहते हैं। ये इलाका यूपी की रायबरेली जिले का डलमऊ क्षेत्र। इस इलाके में आने वाले 28 गांवों के लोग होली के दिन ना ही रंग खेलते हैं और ना ही किसी तरह का जश्न मनाते हैं। लोगों के घरों में किसी तरह का कोई पकवान भी नहीं बनाया जाता।

600 साल पहले की है ये कहानी

दरअसल, करीब 600 साल पहले डलमऊ में राजा डलदेव रहा करते थे। बताया जाता है कि राजा डलदेव काफी प्रभावशाली राजा थे। इलाके में उनका रुतबा था। इसी बीच उनके दुश्मनों ने जौनपुर के शासक इब्राहिम शाह शर्की के साथ मिलकर होली के दिन उन पर हमला करा दिया। दुश्मनों ने हमले के लिए होली का दिन इसलिए चुना था क्योंकि होली के दिन राजा डलदेव की सेना होली के मौके पर छुट्टी पर रहती थी और जो सेना महल में होती वो नशे में डूब जश्न मनाया करती।

हमले में राजा डल की हुई मौत

दुश्मनों की सेना जब डलमऊ पहुंची तो उस वक्त राजा डल की सेना नशे में मस्त थी। शाह शर्की ने अपनी सेना के साथ राजा डलदेव के महल को चारों तरफ से घेर लिया उसके बाद हमला बोला।राजा डलदेव की सेना नशे में थी। जिसके चलते मुकाबला नहीं कर पाई और हमले में राजा का कत्ल कर दिया गया। तभी से डलमऊ कस्बे समेत 28 गांवों में रहने वाले सभी अपने राजा के गम में होली के दिन से अगले 3 दिनों तक शोक में रहते हैं।

 

5 मार्च को होगी होली

डलमऊ के उप जिलाधिकारी, प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि ऐसा नहीं है कि ये इलाका होली ही नहीं मनाता है। यहां होली से तीन दिन तक राजा की मौत का शोक मनाया जाता है और फिर तीन दिन बाद जब भी अच्छा दिन होता है, उस तारीख को होली पूरे क्षेत्र में जश्न के साथ मनाई जाती है। इस बार 5 मार्च को डलमऊ क्षेत्र में होली खेली जाएगी।

 

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